Related Articles
Hamster Run casino ile kazancını katla
10/20/2026
Top tips to Keno game online like a pro
10/20/2026

सावित्री पुत्र वीर झुग्गीवाला द्वारा रचित-
Virendra Dev Gaur Chief Editor (NWN)
दलबीर सिंह की आठ महीने की बेटी
तेरी दो भोली आँखें हैरान तो जरूर होंगी
वे तलाश रही होंगी आसपास
तेरे लिए दुलार भरा जाना.पहचाना चेहरा
सहलाते.बहलाते दो स्नेही हाथों की
ममता में डूबी उँगलियाँ
तुझे झुलाने वाली बाहें
और पुच्च.पुच्च पुचकारते दो परिचित होंठ।
हाँ नन्ही परी बिटिया मेरी
मैंने तुझे देखा तो नहीं
लेकिन तेरी दो आँखों की समझ रहा हूँ मैं उलझन।
तेरी विपदा की मारी माँ
डबडबाई आँखों से जब तुझे देखती होगी
तब आँसुओं की गठरी
झरती होगी झर.झर तेरे ऊपर
तेरे अचरज को दूना कर देती होगी
तेरी माँ अचानक तुझे बाहों में कसकर।
परी बिटिया नन्ही
तेरा नाम नहीं जानता मैं
इसलिए तुझे कह रहा हूँ अनामिका।
बिटिया अनामिका
तुम्हारा पिता दलबीर
अभिनय तो करता था रावण का
किंतु उसके दिल में बसते थे राम
वह तीन जानें बचा गया बिटिया मरते.मरते।
बिटिया!
एक अंग्रेज जनरल डायर ने
तेरे नगर अमृतसर में ही
जलियाँवाला बाग के अन्दर
सैकड़ों भारतीयों को गोलियों से छेद डाला था
तब हम गुलाम थे बिटिया।
कहते हैं इस हत्यारे डायर को
ऊधमसिंह नामक देशभक्त ने
लन्दन में उसके घर के अन्दर घुसकर
कर दिया था छलनी
ले लिया था बदला।
बिटिया!
इस अमृतसर हत्याकांड को भूलना नहीं
यह कोई कुदरत का कहर नहीं
यह पंजाब की सत्ता का ज़हर है
तुम बड़ी हो जाओ बिटिया
मुझे बताओ भारतीय जनरल डायर का नाम
मैं ऊधमसिहं बनकर कर दूँगा उसका काम तमाम।
.इति
The National News
111719 598520Just what I was seeking for, appreciate it for posting . 596119