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दलित संगठनों ने बंद कराया बाजार

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देहरादून (संवाददाता) । संविधान बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर हाईकोर्ट में एससी-एसटी उत्पीडऩ निवारण अधिनियम को निष्प्रभावी करने के विरोध में तमाम एससीएसटी संगठन सड़क पर उतर आए और भारत बंद का समर्थन करते हुए बाजार बंद करा दिए। इस दौरान कई जगह पर कार्यकर्ताओं की व्यापारियों से नोकझोंक हुई। आक्रामक तेवर अपनाए हुए प्रदर्शनकारी परेड ग्राउंड से जुलूस लेकर आए और रास्ते में बाजार बंद कराते हुए पलटन बाजार में दाखिल हो गए। कार्यकर्ता एससीएसटी एक्ट में किसी भी तरह के बदलाव के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पलटन बाजार को बंद कराते हुए प्रदर्शनकारियों ने डिस्पेंसरी रोड, घोसी गली, मोतीबाजार, सरनीमल बाजार, पीपलमंडी, राजा रोड, धामावाला, आढ़त बाजार, प्रिंस चौक में तमाम दुकानें बंद करा दी। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी बाजार बंद कराते हुए कचहरी पहुंचे। वहीं, दुकान बंद कराने के लिए बीच-बीच में कुछ युवा कार्यकर्ता बेहद आक्रामक थे और दुकानों के शटर गिराकर दुकान खुद ही बंद करने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे में पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए कार्यकर्ताओं को ऐसा करने से रोकने की कोशिश की। एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन ने भारत बंद का समर्थन करते हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रांतीय महामंत्री जितेन्द्र सिंह बुटोइया ने दावा किया कि संगठन से जुड़े सैकड़ों एससीएसटी शिक्षकों ने आकस्मिक अवकाश लेकर बंद में अपना सहयोग दिया है। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय व तहसील मुख्यालय से राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। उत्तराखंड एससी-एसटी इम्पलाइज फेडरेशन ने एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ भारत बंद का समर्थन किया। प्रांतीय अध्यक्ष करमराम, महासचिव हरि सिंह ने डीएम के मार्फत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष को इस सम्बंध में ज्ञापन प्रेषित किया गया। उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच ने एससी-एसटी एक्ट को निष्प्रभावी करने के विरोध में घंटाघर स्थित डा.भीमराव अम्बेडकर पार्क में धरना दिया। मंच कार्यकर्ता बाजार बंद कराते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे और वहां पर कई बिंदुओं को रखते हुए मांगों के समर्थन में ज्ञापन दिया। मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में केन्द्र सरकार ने दलितों की आवाज को प्रभावी रूप से नहीं उठाया। जिसका खामियाजा दबे कुचले वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। एससी, एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में तीर्थनगरी और आसपास के इलाकों में बंद का मिलाजुला असर रहा। बाजार में कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर सुबह से ही ताले लगे रहे, जो प्रतिष्ठान खुले थे उन्हें बंद समर्थकों ने जबरन बंद कराया। श्यामपुर, रायवाला, छिद्दरवाला, मुनिकीरेती क्षेत्र में बंद का प्रभाव कम देखने को मिला। वहीं, उपद्रव की घटना से निपटने को पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क नजर आया। जगह-जगह पुलिस की तैनाती रही।

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