Breaking News
Ashok Kumar ADG

एडीजी (पी) अशोक कुमार जी के लिये

Ashok Kumar ADG

हृदय में कवि बसता है
खाकी में शरीर रहता है
हृदय और शरीर के रिश्ते में
मन जिस हलचल में रहता है
कुरुक्षेत्र के हृदय में ही
गीता का ज्ञान पनपता है
समय सबको परखता है
ऐसे में जो क्षमता है
वह विषमता की ही कविता है।
महाराज आज रक्षाबंधन पर
इस नादान कवि का दिल कहता है
नारी सुरक्षा पर पुलिस आपकी
ठोस अगर कुछ कर गुजरे
बैठा दीजिए चप्पे-चप्पे पर यों पहरे
महिलाओं पर हो रहे अपराध गहरे
नारी सम्मान और सुरक्षा सबसे ऊपर ठहरे
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को अर्थ दे दीजिए सुनहरे
असंभव सा काम पर यह उम्मीद से नहीं परे
हरे राम हरे कृष्ण राम-राम हरे-हरे।

Virendra Dev Gaur (Veer Jhuggiwala)

Chief Editor (NWN)

Check Also

Fair Go Casino Login Page Simplifies Access to Premium Casino Games

CONTENT Register on Fair Go Casino Login Page for Seamless Entry Login to Fair Go …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *