
देहरादून। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री शीशपाल गुसांई द्वारा लिखित पुस्तक ’भारत के सबसे बड़े सस्पेंशन पुल डोबराचांठी की गाथा’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस पुस्तक में लेखक ने डोबरा चांठी पुल की ऐतिहासिक कहानी के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में टिहरी के आसपास एवं टिहरी बांध से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी एवं चित्रण के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों का सुन्दर प्रस्तुतीकरण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें पाठकों को विगत एवं भविष्य की ऐतिहासिक जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होती हैं। इस पुस्तक में लेखक ने डोबराचांठी पुल के अलावा भागीरथी एवं भिलंगना घाटियों में बने अन्य पुलों एवं इन क्षेत्रों की विभिन्न क्षेत्रों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक पाठकों को पुरानी टिहरी की यादों को तरोताजा करने में भी मददगार होगी। पुस्तक के लेखक श्री शीशपाल गुसांई ने कहा कि इस पुस्तक में देश के सबसे बड़े झूला पुल डोबरा चांठी के निर्माण की शुरू से और लोकार्पण तक की कहानी लिखी गई है। इस पुल का निर्माण कार्य पूर्ण होने में जो समय लगा, उससे क्षेत्रवासियों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब पुल के बनने के बाद यह यातायात के क्षेत्र में जन सुविधा का केन्द्र बन गया है। इससे लोगों को होने वाले विभिन्न फायदों के बारे में जानकारी दी गई है। इस पुस्तक में टिहरी की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया गया है। इस अवसर पद्मश्री श्री कल्याण सिंह रावत, श्री सुरेन्द्र सिंह सजवाण, मुख्यमंत्री के मीडिया काॅर्डिनेटर श्री दर्शन सिंह रावत, वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेन्द्र जोशी, अर्जुन सिंह बिष्ट, प्रो. दीपक भट्ट, श्री भवानी प्रताप सिंह पंवार, श्री राजेन्द्र काला, श्री जीतमणि पैन्यूली आदि उपस्थित थे। सूूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग
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