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सावित्री पुत्र वीर झुग्गीवाला द्वारा रचित-
Virendra Dev Gaur Chief Editor (NWN)
कहत कबीर सुनो भई साधू
कहत कबीर सुनो भई साधू
रखो पास एक अदद तराजू
ताको मत तुम आजू-बाजू
एक पलड़े में देश सेवा
दूजे में रखो स्व-कल्याण और मेवा
पलड़ा पहला उठ जाएगा ऊँचा
दूजा वजनदार नीचा-नीचा
सच है यह नहीं कोई जादू
कहत कबीर सुनो भई साधू।
जो तुम देखे रहे लड़ाई
वह तो रही वीरता भाई
तेरा हिस्सा मेरा हिस्सा
नाम-दाम से प्रीति लगाई
छोड़ो बातें बाकी पराई
अपना हिस्सा पाई-पाई
तेरा हिस्सा मेरा हिस्सा
देश और देशप्रेम है, कोरा किस्सा।
फरियाद सुनो लाजवाब ‘‘डी.एन.ए’’ वालो
ऐसे भाजपाइयों का कभी ‘‘डी.एन.ए’’ कर डालो
छप्पन इंची सीने वाले विरले सेनापति से कह डालो
ऐसे भाजपाइयों को किसी सेलुलर जेल में डालो
इनके मोटे-मोटे बैंक खातों को खंगालो
काले धन को गंगा माई के सफाई अभियान में दे डालो
इनके ‘‘लड़ाके जूते-चप्पल’’ भी नीलाम कर डालो
हो सके तो इन लड़ैयों को सीमा पर तैनात कर आओ
केवल दो भले चंगे शालीन कपड़ों में ही
इन्हे मीटिंग-सीटिंग में बैठने दो
आदरणीय नारियों को कतई ना बुलाओ
अरे जनप्रतिनिधियो मदहोशी से बाहर आओ
देश की तुम गरिमा ना गिराओ
देश के लिए कुर्बानी का जज़्बा जगाओ
मोदी-योगी जैसे महात्माओं से कुछ सीखो
चीखना है तो एक दूसरे पर नहीं, देश के लिए चीखो।
-जय भारत -जय जवान -जय किसान -जय विज्ञान
The National News
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