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कहते हो आज स्वाधीन हुए
नहीं फिर दोबारा पराधीन हुए
गोरों के कुछ भूतों के
फिर हम गुलाम हुए।
माइनोरिटी (अल्पसंख्यक)
मेजोरिटी (बहुसंख्यक)
और आरक्षणवाद के महाभूत
देखो तो मेरे देश के अन्दर
विश्व युद्ध भयानक छेड़े हुए
भारत माता की सन्तानो को
एक दूसरे का बैरी हैं बनाए हुए।
अरे कथित आजाद देश की सरकारो
गरीबों-पिछड़ों का दुख-दरिद्रता हरते
इन भाइयों-बहनों के लिये
कपड़ा लत्ता शिक्षा फ्री कर देते
जात-पात के ज़हर को
हमेशा-हमेशा के लिये ठंडा कर देते।
पर नहीं-
तुम मानसिक गुलामों ने
वोट प्रेमी शैतानो ने
देश को खंड-खंड कर डाला
देश की भावनात्मक एकता को
तार तार कर डाला।
कहावत है नीम पर करेला का
गाढ़ा लेप लगा देना
भारत माता की जय बोलने पर
मरने-मारने पर उतारू हो जाने वालों को
जिहादिस्तान की राह दिखा देते
जिहादिस्तान के हिन्दुओं को यहाँ बुला लेते
सियासत कर रहे लोगो
1947 में आर-पार हो जाने देते
अरे तुमने तो नीम पर करेला चढ़ा दिया
मेरे देश को अशांति का स्थायी अड्डा बना दिया।
ऐ सियासतदानो (भूतो)
कम से कम इतना तो कर देते
1947 में बाबर के जुल्म को
गरमा-गरमी में तहस-नहस ही कर देते
स्वाधीन भारत के श्री गणेश के लिये
श्री राम मन्दिर वहीं बना देते
अयोध्या-धाम जाकर एक प्रण ले लेते
श्री राम की न्यायवादी व्यवस्था की आधार शिला ही रख देते।
गोरों की जूठन खाने वालो
हमें भी तुमने जूठन खिलाई है
भारत के सही इतिहास को झुठलाने वालो
इस देश की जान महाराणा प्रताप और लक्ष्मीबाई माई है
हो सके तो देश में राम राज्य लाओ
तुरन्त श्री राम का विश्व में अतुलनीय मन्दिर बनाओ
राम का मतलब समानता-समरसता है,सबको समझाओ
विश्व के सबसे महान व्यक्तित्व को भी तुमने जात-पात में बाँट दिया
अरे! नालायको तुमने श्री राम को तिरपाल-तले बाँध दिया।
Virendra Dev Gaur (Veer Jhuggiwala)
Chief Editor (NWN)
The National News
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