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प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने अधिकारी सजग रहकर कार्य करें: बघेल

-ऑनलाईन गैम्बलिंग, जुआ-सट्टा, अवैध शराब पर कड़ाई से लगाएं अंकुश

-सूचना तंत्र मजबूत कर अपराध घटित होने के पूर्व ही रोकने का प्रयास करें

-नाईट पेट्रोलिंग नियमित होना चाहिए

-रात में महिलाओं को घर से निकलने में सुरक्षित महसूस हो
-विजिबल पुलिसिंग दिखनी चाहिए

-चिटफंड कम्पनियों की संपत्तियां हो कुर्क, निवेशकों को अधिक से अधिक राशि लौटाई जाए

-मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की

रायपुर (जनसम्पर्क विभाग)।  मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज यहां न्यू-सर्किट हाउस में दो-दिवसीय कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस-प्रशासन अच्छा काम कर रहें है, इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन कई जगह सुधार की भी आवश्यकता है। प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी सजग रहकर कार्य करें। पुलिस अपने सूचना तंत्र को मजबूत बनाए। कई घटनाओं को पुलिस ने कम समय में ही सुलझाया है इससे राज्य की अच्छी छवि बनी है। उन्होंने कहा कि चाकूबाजी, सट्टे बाजी, अवैध शराब, ऑनलाईन गैम्बलिंग पर कड़ाई से अंकुश लगाने की जरूरत है। बेसिक पुलिसिंग पर ज्यादा फोकस होना चाहिए। सोशल मीडिया में अफवाहों का तत्काल जवाब आना चाहिए। मीडिया, जनप्रतिनिधि, जनता सभी से पुलिस और प्रशासन का लगातार संवाद बना रहे। चौक चौराहों पर पुलिस की उपस्थिति दिखनी चाहिए। साथ ही सड़क हादसे को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के कलेक्टर और एसपी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति, अवैध शराब, जुआ, सट्टा, चिटफंड कम्पनियों के विरूद्ध कार्रवाई, नक्सली इलाकों में सुरक्षा, विकास और आत्म समर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, सड़क दुर्घटना रोकने के कार्याे की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, प्रदेश के सभी संभागायुक्त, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आईजी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

चिटफंड प्रकरणों की विवेचना में तेजी लाये

मुख्यमंत्री ने कॉन्फ्रेंस में कहा कि चिटफंड कम्पनी के डायरेक्टर जिनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए। अभी तक कुछ प्रकरणों में ही संपत्ति कुर्की की कार्यवाही हुई है। मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए चिटफंड कम्पनियों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बचे हुए मामले में भी संपत्ति चिन्हित कर कुर्की की कार्यवाही करायें और निवेशकों को अधिक से अधिक राशि वापस दिलाएं। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक प्रकरण की वापसी के बचे हुए प्रकरणों में शीघ्र कार्यवाही करने तथा आदिवासियों के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों की वापसी में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ें

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करायी जाए। इन क्षेत्रों में व्हीआईपी भ्रमण के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। नशे की गोलियां, इंजेक्शन, सीरप के सेवन की प्रवृत्ति पर पूर्ण रूप से विराम लगाये एवं विक्रेताओं पर कड़ी कार्यवाही करें। गांजा परिवहन व विक्रय पर भी अंकुश लगायें, सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट मजबूत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के कारोबार के नेटवर्क को जड़ से ख़त्म करने के लिए पुलिस सख्त कार्रवाई करें। अन्य राज्यों से हर स्तर पर जरूरी समन्वय करें। नशीले पदार्थ के उत्पादक और इससे जुड़े नेटवर्क के स्रोत तक पहुँचकर कार्रवाई करें। उन्होंने नशीले पदार्थो की तस्करी को तोड़ने के साथ नशा मुक्ति केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया।

महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को रोकने पीसीआर वाहन शीघ्र शुरू होंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के अधिकारी फील्ड में अधिक समय दें, लोगों से सम्पर्क बढ़ायें और विजिबल पुलिसिंग की अवधारणा पर काम करें। एसपी स्वयं रात्रि गश्त में निकलें। महिलाओं व बच्चियों के लिए सुरक्षित माहौल बनायें, ’हमर बेटी, हमर मान” अभियान को बेहतर ढंग से संचालित करें। उन्होंने महिलाओं के विरूद्ध अपराध रोकरने के लिए शीघ्र पीसीआर वाहन शुरू करने के निर्देश दिए। सायबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ रही है, इससे बचने के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रम चलायें। धान खरीदी प्रारंभ होने वाली है, पड़ोसी राज्यों से अवैध धान परिवहन पर अंकुश लगाने की ठोस कार्य योजना बनाए। अनूसूचित जाति, जनजाति के विरुद्ध अपराधों में पीड़ित को सहायता राशि शीघ्रता से उपलब्ध कराएं। उन्होंने सड़क सुरक्षा हेतु किए गये प्रयासों की समीक्षा करते हुए सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु पूरे प्रयास करने के निर्देश दिये।

विगत वर्षों में नक्सल घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आयी

मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए इन क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे कैम्पों के साथ ही ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ लोगों को रोजगार से जोड़ा जाए। बस्तर में नक्सल समस्या समाप्त करने हेतु रोजगार मूलक कार्यों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण सड़क निर्माण पूर्ण हो चुका है, इससे वहां विकास की गति बढ़ी है। सड़क निर्माण से कनेक्टिविटी बढ़ने से अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्य संभव हुये हैं। मुख्यमंत्री ने अंदरूनी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मोबाईल टॉवर की स्थापना तेजी से करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि अंदरूनी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 525 मोबाईल टॉवर को 4-जी में परिवर्तित किया जा रहा है। अधिकांश इलाकों को मोबाईल कनेक्टिविटी से जोड़ लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करायी जाए। नक्सल क्षेत्रों में व्हीआईपी भ्रमण के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखा जाए।

मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि कलेक्टर और एसपी बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। यह समन्वय भी निचले स्तर पर भी दिखना चाहिए। दुर्घटना के समय त्वरित कार्यवाही के लिए एसओपी तैयार की जाए।

कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस महानिदेशक ने बताया कि कानून व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण हेतु पुलिस अधीक्षक, रायपुर  प्रशांत अग्रवाल, चिटफंड कम्पनियों एवं नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्यवाही तथा सामुदायिक पुलिसिंग के कार्य हेतु तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव श्री संतोष सिंह एवं नक्सल अभियान के दौरान प्रभावी नक्सल विरोधी अभियान हेतु पुलिस अधीक्षक, सुकमा  सुनील शर्मा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्हें उक्त क्षेत्र में श्रेष्ठ जिला के रूप में चिन्हित किया गया।

इसी तरह अपराध नियंत्रण, अपराधिक प्रकरणों के निराकरण, महिला, बच्चों एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों का संरक्षण, थानोें से प्रदान की जाने वाली सेवाओं, दुर्घटनाओं पर नियंत्रण, सामुदायिक पुलिसिंग, नवाचार आदि बिन्दुओं पर प्रदेश के थानों की रैंकिंग की गई, जिसमें थाना कोतवाली, रायगढ़ को उत्कृष्ट शहरी थाना एवं थाना पाटन, जिला दुर्ग को उत्कृष्ट ग्रामीण थाना के रूप में चिन्हित किया गया। जबकि नक्सल विरोधी अभिमान में सर्वश्रेष्ठ कार्य हेतु थाना कोहकामेटा, जिला नारायणपुर को चिन्हित किया गया।

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