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एक-एक बूंद पानी को तरसे ग्रामीण

गांव छोडऩे को हैं मजबूर

nahin mila paanee NWNरुद्रप्रयाग ( अनसूया प्रसाद मलासी)। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना निर्माण के कारण पपड़ासू भरदार के ग्रामीण एक-एक बूंद पानी को लेकर तड़प रहे हैं और गांव के आस-पास प्राकृतिक स्त्रोत न होने के कारण आसमानी पानी पीने को मजबूर हैं और समय रहते जेवीके कंपनी ने पेयजल योजना का निर्माण नहीं किया तो ग्रामीण गांव छोडऩे को मजबूर हो जायेंगे।

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आठ सालों से ग्रामीण पेयजल योजना निर्माण को लेकर श्रीनगर एवं रुद्रप्रयाग के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना निर्माण के कारण पपड़ासू भरदार की पेयजल योजना अलकनंदा नदी में डूब जाने के कारण गांव की जनता आठ सालों से एक-एक बूंद पानी को लेकर भटक रही है। वर्ष 2008-09 में परियोजना निर्माण के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल योजना का निर्माण करने को कहा, लेकिन परियोजना पर कार्य कर रही कार्यदायी संस्था जेवीके ने ग्रामीण जनता को योजना निर्माण के नाम पर सिर्फ कोरे आश्वासन ही दिये और आठ साल बाद भी पेजयल योजना पर निर्माण कार्य शुरू नहीं करवाया।  पपड़ासू भरदार के ग्रामीण आठ सालों से श्रीनगर जेवीके कंपनी और जिला प्रशासन के चक्कर काटते-काटते थक चुकी थी। जिलाधिकारी मंगलेश घिल्डियाल के संज्ञान में जैसे ही यह मामला आया श्री घिल्डियाल ने जेवीके कंपनी के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए उप जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र की अध्यक्षता में बैठक कर पेयजल योजना के निर्माण को कहा। उप जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में पपड़ासू भरदार के ग्रामीणों ने अपनी आपबीती सुनाई और कहा कि आठ सालों से ग्रामीण अलकनंदा नदी एवं बरसाती गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। गांव से दो किमी दूर अलकनंदा नदी से पानी ढोया जा रहा है और कई ग्रामीणों के मवेशी भी अलकनंदा नदी में समा गये हैं और कई ग्रामीणों पर चोंटे भी आ गई है। वर्ष 2013 की दैवीय आपदा से पपड़ासू-मल्यासू पैदल संपर्क मार्ग सम्पूर्ण क्षतिग्रस्त हो जाने से पेयजल योजना पर जाने का भी कोई रास्ता नहीं बचा हुआ है और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर चट्टानों पर रस्सी के बल पाइप लाइन की मरम्मत कर रहे हैं। ग्राम प्रधान शशि देवी चौहान ने उप जिलाधिकारी को अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि ग्रामीण जेवीके कार्यालय श्रीनगर और जिला प्रशासन के चक्कर काटते-काटते थक चुके हैं। श्रीमती चौहान ने कहा कि 2014 से जेवीके कंपनी के अधिकारी योजना निर्माण के नाम पर ग्रामीणों को झूठे आश्वासन देते आ रहे हैं और पेयजल योजना का निर्माण नहीं हुआ तो ग्रामीण जनता गांव छोडऩे को मजबूर हो जायेंगे। उप जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र ने जेवीके से आये राजेन्द्र सिंह चौहान और ग्रामीणों की बात को गंभीरता से सुना और जेवीके के प्रबंधक राजेन्द्र सिंह चौहान को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि एक अक्टूबर से पेयजल योजना पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी। ग्रामीणों एवं कंपनी की आम सहमति एक अक्टूबर से निर्माण कार्य शुरू करने पर बनी। इस मौके पर पूर्व प्रधान विक्रम सिंह चौहान, सोबन सिंह चौहान, अनिल जुगराण, रघुवीर सिंह चौहान, शिव प्रसाद भट्ट, कुशला देवी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे। 

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