
(1)
श्री राम कृपा मोदी जी पाए
पहली शुभ ईंट रखने का अधिकार पाए
त्रेता युग की दीपावली
हमने-तुमने नहीं देखी
सदी बीसवीं के युग की दीपावली
जगमग-जगमग हम सबने है देखी
योगी जी ने अलख जगाई
अंधकार की मनहूसियत भगाई
श्री अयोध्या में रंगत लौट आई
आशा और विश्वास की ऐसी मशाल जलाई
राम लला के बन्धन टूटे
राम-विरोधियों के पसीने छूटे
मुसकाए स्वर्ग में हमारे पुरखे रूठे
ऐसी बहार श्री अयोध्या में पाँच सौ बरसों बाद है आई
दीपावली के प्रकाश में जैसे देश-दुनिया है नहाई।
श्री राम हैं प्राण देश के
सुपुत्र महान दशरथ अवधेश के
शिवजी के प्रिय-पात्र श्री राम आराध्य महाबली हनुमान के
आतताइयों के काल शरणदाता सन्तों के
राक्षस-संस्कृति विनाशी रखवाले मानवता के
राम-मन्दिर का विध्वंस एक आक्रान्ता ने किया आ के
उसी जगह होगा मन्दिर का शिलान्यास भाग्य हमारे जागे।
भारत के भाग्य जागे
कुंठाओं और कलुषित विचारों के अंधकार भागे
तोड़ा गया था जिनके सामने मन्दिर रहे वे पुरखे अभागे
बिखर कर रह गए थे उनकी भावनाओं के कोमल धागे
अब तो सोचना है हमको आगे ही आगे
कहीं होगा राम-राम और कहीं होगा राधे-राधे
इस देश को भटकाने के अब नहीं होंगे सफल इरादे
राम और कृष्ण की शिक्षा में भरे हैं मानवता के वादे
इन्होंने ही हमें सिखाए विश्व-बन्धुत्व के कायदे
वेद, रामायण, गीता और उपनिषदों के मानवीय तकाजे
मन में राम के गीतों के बज रहे हैं ढोल-बाजे
राम-धाम की नींव की पहली ईंट नहीं रखेंगे कोई राजे-महाराजे
महान भारतीय नरेन्द्र मोदी को ही यह परम ‘‘राम-काम’’ साजे
श्री राम का यह युग-निर्माणकारी संकेत माँ धरती को भी प्यारा लागे।
2)
क्या वजह है दोस्तो!
ये क्या वजह है दोस्तो
ये कौन सी तकरार है
बाबर ने मन्दिर तोड़ा
भारत की अस्मिता पर चलाया हथौड़ा
उसके वंशजों पर प्यार उड़ेला
जिहाद की आदत के खिलाफ कभी कुछ नहीं बोला
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को कहा आग का गोला
भगवा आतंकवाद का एक अध्याय खोला
साध्वी पर फोड़ा तालिबानी हथगोला
एक नारी का लिहाज तक भुलाया
मजहबी कट्टरता को प्रसन्न करने का कुचक्र चलाया
ये तो साध्वी के योगधर्म ने साध्वी को बचाया
वर्ना, उस पर सितम था गजब का ढाया
जिहादी कसाब को इन्होंने अंत तक प्यार से खिलाया-पिलाया
श्री राम और श्री कृष्ण ने भी साध्वी को बचाया
सरदार जी के गणों ने था यह सितम बरपाया
सोनिया जी का रहा उनकी पगड़ी के ऊपर साया
सुन लो पथभ्रष्ट लोगो
होता अगर हिन्दू आतंकवादी
तो यह देश पल भर किसी भी जालिम का गुलाम न रहता
झुग्गीवाला सदा ही ऐतिहासिक सच है कहता।
(3)
हत्यारों को उद्धव तुम बचा न पाओगे
देखते हैं कब तक अपनी कुर्सी बचा पाओगे!
तिकड़ी सरकार का कोई मंत्री या राजनेता
दिशा सालियान का हत्यारा है
जिसने बदतमीजी करने के बाद खुलासे के डर से
दिशा सालियान को मारा है
इसीलिए कुर्सी के कायल ऊद्धव का अपने गुर्गों को
यह स्पष्ट इशारा है
दिशा की हत्या से पूरी ताकत लगाकर करना किनारा है
लेकिन अर्नब गोस्वामी का यह बुलन्द नारा है
दिशा की हत्या का सुशांत की हत्या से राज जुड़ा हुआ सारा है
जिसने दिशा सालियान को मारा है
उसी ने सुशांत को भी मारा है
यह दावा हमारा है
उस हत्यारे का रिया से क्या रिश्ता है
पूरे षड़यंत्र की इन कड़ियों का क्या किस्सा है
यह सब अब मुंबई पुलिस की जानकारी का हिस्सा है।
राजनीति, पुलिस और फिल्मी माफियाओं का
यह नापाक गठजोड़ बहुत पुराना है
इसकी असलियत अब जानना चाहता पूरा जमाना है
गुलशन कुमार, दिव्या भारती से लेकर सुशांत तक
कितनी हकीकत और कितना फसाना है
यह सच अर्नब जैसे पत्रकारों को ही भारत को बताना है
पर हमें तुम्हारी सलामती का मुद्दा भी उठाना है।
बिहार के आईपीएस अफसर विनय तिवारी की नजरबन्दी मुंबई पुलिस की है गुंडागर्दी
बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय जी की सुशांत केस से है जायज हमदर्दी
उनकी कानूनी चुनौती से मुंबई पुलिस की दागदार हो गई है वर्दी
पूरे देश की सुशांत के पिता केके सिंह जी से बहुत गहरी है हमदर्दी
जिन्होंने मुंबई पुलिस को सुशांत की सुरक्षा के खातिर 25 फरवरी के दिन
उसकी हत्या की आशंका को लेकर किया था आगाह
लेकिन पुलिस ने इस आपातकालीन सूचना की थी खिल्ली उड़ाई
ऐसी गैर-जिम्मेदार पुलिस अब हत्यारों को बचाने पर है उतर आई
पर भारत की जनता ने सच की तह तक जाने की सौगंध है खाई।
-सावित्री पुत्र वीर झुग्गीवाला, स्वतंत्र पत्रकार, देहरादून।
The National News
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