Related Articles

नई दिल्ली । मणिपुर से अफस्पा हटाने के लिए 16 साल तक भूख हड़ताल करने के बाद इरोम शर्मिला अब कश्मीर की महिलाओं के लिए काम करना चाहती हैं। विश्व की सबसे लंबी भूख हड़ताल करनेवालीं शर्मिला की पहचान पूरे विश्व में बतौर सामाजिक कार्यकर्ता की भी है। वह लगभग 500 सप्ताह तक बिना खाने और पानी के अपनी मांग पर डटी रहीं। शर्मिला अब कश्मीर में कुछ रचनात्मक काम करना चाहती हैं। इरोम अपने पति डेसमंड कुटिन्हो के साथ के साथ पूरे भारत के भ्रमण पर हैं ताकि वह इस देश की समस्याओं को ठीक तरह से समझ सकें। उन्होंने बताया कि वह कश्मीर में हिंसा की खबरें देखकर काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा, कश्मीर के सारे लोग पाकिस्तानी हैं यह एक भ्रामक विचार है। मुझे लगता है कि ये लोग मेरे अपने हैं और मुझे इनके लिए जरूर कुछ करना चाहिए। पुणे में शर्मिला ने सरहद स्कूल के सहयोग से कुछ कश्मीरी छात्रों से मुलाकात की। शर्मिला ने कश्मीर और मणिपुर के हालात की तुलना करते हुए कहा, ()मैं कश्मीरी महिलाओं के हालात के कारण उनके लिए कुछ करने को प्रोत्साहित हुई हूं। मुझे लगता है कि कश्मीर जैसे हालात जहां भी होते हैं वहा महिलाएं भुक्तभोगी होगी हैं। मैंने मणिपुर में महिलाओं के साथ अन्याय और अत्याचार होते देखा है और ऐसा ही कुछ कश्मीर में भी हो रहा है। मैं महसूस कर सकती हूं कि कश्मीर और मणिपुर में हालात कितने एख जैसे हैं। कुछ साल पहले जब इरोम शर्मिला भूख हड़ताल पर थीं, उस वक्त भी उनसे कश्मीर के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की थी। जम्मूक-कश्मीर के मानवाधिकार कार्यकर्ता और नॉर्थ ईस्ट में सामाजिक अधिकारों के लिए संघर्ष करनेवाले लोगों को दोनों राज्यों के हालात में काफी समानता नजर आती है। इस समानता की वजह है कि दोनों ही राज्यों में सेना को विशेष अधिकार देनेवाला कानून अफस्पा लागू है। हालांकि, भौगोलिक और सांस्कृतिक तौर पर दोनों राज्य एक-दूसरे से काफी अलग हैं।
The National News
22849 597465Thank you for your great post! It has long been incredibly useful. I hope which you will proceed sharing your wisdom with us. 660494