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132 साल पुरानी पार्टी की बागडोर अब राहुल के हाथ

कांग्रेस ने किया औपचारिक ऐलान, पार्टी के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए राहुल

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नयी दिल्ली । राहुल गांधी आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुन लिए गए। चूंकि किसी और ने नामांकन दाखिल नहीं किया है इसलिए उन्हें निर्विरोध निर्वाचित अध्यक्ष घोषित किया गया। राहुल के अध्यक्ष चुने जाने के बाद कांग्रेस कार्यालय के बाहर पार्टी कार्यकत्र्ताओं ने जश्न मनाया। हालांकि 16 दिसंबर को राहुल के कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभालने की संभावना है। इसके साथ ही पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव होगा जब उनकी मां और सबसे लंबी अवधि तक पार्टी अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी औपचारिक तौर पर उन्हें बागडोर सौंपेंगी। यह बदलाव देश की सबसे पुरानी पार्टी में नए युग का आगाज करेगा। कांग्रेस पार्टी ने स्वतंत्रता के बाद से आधी सदी से अधिक समय तक देश पर शासन किया है। नेहरू-गांधी परिवार के वंशज 47 वर्षीय राहुल के सामने पार्टी की खोई हुई प्रतिष्ठा को लौटाने का कठिन काम है। पार्टी के सितारे हालिया वर्षों में गर्दिश में रहे हैं। एक समय पूरे देश पर कांग्रेस का नियंत्रण था लेकिन वर्तमान में सिर्फ पांच राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश पुड्डुचेरी में उसकी सरकार है। इस पद के लिए मैदान में अकेले राहुल गांधी ही मैदान में थे। राहुल के पक्ष में कुल 89 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। जांच में सभी नामांकन पत्रों को वैध पाया गया। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव प्राधिकार (सीईए) के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन और सीईए के सदस्य मधुसूदन मिस्त्री और भुबनेश्वर कलीता घोषणा करेंगे कि सिर्फ राहुल ने शीर्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। 16 दिसंबर को सोनिया गांधी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में राहुल को पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने का प्रमाण पत्र सौंपा जाएगा। सोनिया गांधी आधिकारिक तौर पर 132 साल पुरानी पार्टी की बागडोर अपने बेटे राहुल को 16 दिसंबर की सुबह तकरीबन 11 बजे सौंपेंगी। इसके बाद राहुल गांधी कांग्रेस मुख्यालय में देशभर के नेताओं से मिलेंगे। कांग्रेस 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद एक के बाद एक विधानसभा चुनावों में हार का सामना कर रही है। हालांकि, उसे पंजाब विधानसभा चुनाव में जीत मिली थी। राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव का परिणाम आने से ठीक दो दिन पहले नियुक्त किया जाएगा। राहुल ने गुजरात में कांग्रेस के लिए जोर-शोर से प्रचार किया है और अगर वह चुनाव में जीत हासिल करती है तो यह उनके लिए संजीवनी बूटी का काम करेगी। कई विश्लेषक गुजरात विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर होने की बात कह रहे हैं। कांग्रेस के एक नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”गुजरात में अच्छा नतीजा देना महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह राहुल गांधी के सामने पहली तात्कालिक परीक्षा है। उन्होंने राज्य में जोर-शोर से भाजपा के खिलाफ प्रचार अभियान का नेतृत्व किया है। हम गुजरात में जीत की उम्मीद कर रहे हैं।

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