देहरादून (संवाददाता)। टैक्नीकल टीचर वैलफेयर सोसाइटी के संरक्षक भाजपा नेता रवीन्द्र जुगरान व समस्त टीचिंग/नॉंन टीचिंग स्टाफ डब्लूआईटी दुत ने विवि के डब्लूआईटी के सन्दर्भ में विगत तीन वर्षो से चल रहे गतिरोध के सन्दर्भ मं अपना पक्ष रखा। सोसाइटी के सरंक्षक रवीन्द्र जुगरान ने शनिवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि राज्य के एकमात्र महिला इंजीनियरिंग कालेज डब्लूआईटी जो कि उत्तराखण्ड तकनीकी विवि से संबद्व है वहां नियम विरूद्व तथाकथित निदेशक डॉं. अलकनंदा अशोक व राज्य के अपर मुख्य सचिव तकनीकी शिक्षा ओम प्रकाश कुलपति/कुलाधिपति, मुख्य सचिव उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड व सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों की पालना/अनुपालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओं/बेटी पढाओं व महिला सशक्तिकरण की भी डब्लूआईटी संस्थान में सरेबाम धज्जियां उड़ायी जा रही हैं। संरक्षक रवीन्द्र जुगरान ने कहा कि अनेक दशकों से उत्तराखण्ड के विकास, सामाजिकी, आर्थिकी व संघर्षो की धुरी/केंन्द्र बिंन्दु राज्य की मात्र शक्ति रही है और उनके साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि डब्लूआईटी के सम्बंध में मुख्य रूप से दो प्रकार के विवाद हैं डब्लूआईटी द्वारा हटाये गये समस्त शिक्षकों व स्टाफ की निरंतरता को बनाये रखना व उनके द्वारा हटाये पूर्व में व अब तक के समस्त लम्बित देय वेतन का भुतान करना आदि। दूसरा विषय वहां पर नियम विरूद्व अवैध रूप से तैनात तथाकथित निदेशक डॉ अलकनंदा अशोक के बारे में स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। उन्होंने कहा कि समस्त शिक्षकों व स्टॉफ ने मुख्यमंत्री से इस प्रकरण में हस्तक्षेप करने की मांग की। पत्रकार वार्ता के दौरान डब्लूआईटी स्टाफ व शिक्षक मौजूद रहे। वहीं, अलकनंदा अशोक ने उन पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि वे आरोप लगाने वाले को मानहानि का नोटिस भेजेंगी।
The National News
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