प्रदेश में एरोमैटिक और हर्बल की अत्यधिक संभावनाएं हैं-सुबोध उनियाल
कृषि क्षेत्र में विकास के लिए परंपरागत खेती को बढ़ावा देने के साथ ही इनोवेटिव होने की आवश्यकता है

देहरादून (सू.ब्यूरो)। कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने शनिवार को सचिवालय में कृषि एवं इससे सम्बद्ध विभागों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं की जानकारी सभी सीडीओ को होनी चाहिए, इसके लिए विभाग और सीडीओ आपसी समन्वय बनाकर कार्य किए जाएं।
कृषि मंत्री श्री उनियाल ने विभाग के अधिकारियों से विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग एवं सीडीओ द्वारा इनकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने किसानों की आर्थिकी को मजबूती प्रदान करने के लिए अधिकारियों के सुझाव भी मांगे ताकि अच्छे सुझावों को लागू किया जा सके। रेशम विभाग के अधिकारियों से कपड़ा उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उत्पादन गति बढ़ाए जाने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री ने उनके द्वारा 3 वर्ष पूर्व जिला उद्यान अधिकारी एवं मुख्य उद्यान अधिकारी को एक-एक ग्राम गोद लिए गये गावों की अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गोद लिए गए गावों में क्लस्टर बेस्ड कृषि पर अधिक फोकस किया जाए। उन्होंने प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत ड्रिप सिंचाई को प्रायोरिटी के साथ लिए जाने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कृषि क्षेत्र में विकास के लिए परंपरागत खेती को बढ़ावा देने के साथ ही इनोवेटिव होने की आवश्यकता है। उत्तराखण्ड में 90 प्रतिशत किसान स्मॉल एवं मार्जिनल लेवल के हैं। आत्मनिर्भर भारत योजना के अन्तर्गत एफ पी ओ की नाबार्ड के माध्यम से प्रस्तुतीकरण करवा कर पूर्ण जानकारी गावों तक पहुंचाई जाए।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में एरोमैटिक और हर्बल की अत्यधिक संभावनाएं हैं। एरोमा के क्षेत्र में क्लस्टर बेस्ड योजनाएं लायी जाएं। इसके साथ ही, गुलाब के उत्पादन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में योजना तैयार की जाए। हर्बल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट को भी औषधीय पौधों के लिए विशेष योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। यह क्षेत्र रोजगार एवं आय का एक महत्वपूर्ण श्रोत बन सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभागों के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए एक मैकेनिज्म तैयार किया जाए।
उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फलों के ट्रेडिशनल प्लांट्स की प्लांटेशन को छोड़ उच्च गुणवत्ता के प्लांट्स की प्लानिंग को शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना आत्म निर्भर भारत के अन्तर्गत ऑपरेशन ग्रीन योजना कलैक्टिव फार्मिंग में अधिक ध्यान दिया जाए। लोगों को जानकारी उपलब्ध कराने हेतु योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में मशरूम की खेती को बढ़ावा दिया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में मशरूम के उत्पादन को बढ़ा कर दूसरे कृषि उत्पादों की ओर आकर्षित किया जाए। जनपद स्तर में अधिकारियों को आ रही समस्याओं के लिए कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने शासन के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद स्तर की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। सोइल मैप और उसके अनुरूप फसलों की जानकारी का चार्ट सीडीओ को भी उपलब्ध कराया जाए ताकि उस फसल के अनुरूप योजनाएं बनाई जा सकें।
इस अवसर पर सचिव श्री हरबंश चुग सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी, जनपदों से मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
-सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग।
The National News
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