भारतीय ट्रक ड्राईवर्स टी1 रेसर प्रोग्राम (टीआरपी 2$0) के दूसरे एडिशन में सेमी-फाईनल राउंड में पहुंच गए हैं, जिसमें 19 मार्च को भारत के विश्वप्रसिद्घ एफ1 रेस ट्रैक- बुद्घ इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी), ग्रेटर नोएडा में टी1 प्राईमा ट्रक रेसिंग चैंपियनशिप के सीजऩ 4 में रेस के लिए 20 ड्राईवर्स को चुना जाएगा। टीआरपी 2$0 के तहत चुने गए 33 ड्राईवर्स में टीआरपी प्रोग्राम के पहले एडिशन से चुने गए ड्राईवर्स हैं, जिनमें से 10 ड्राईवर चैंपियंस क्लास श्रेणी में रेस लगाएंगे, जबकि टीआरपी 2$0 प्रोग्राम के तहत नई प्रविष्टियां टी1 प्राईमा ट्रक रेसिंग चैंपियनशिप के सीजऩ 4 में सुपर क्लास श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करेंगी। एमओएमए (एमओएमए मोटरस्पोर्ट मैनेजमेंट) द्वारा लाए गए भारत के सर्वश्रेष्ठ रेस इंस्ट्रक्टर्स द्वारा तीन महीनों से ज्यादा समय का प्रशिक्षण प्रान्त करने के बाद सीजऩ 3 के ‘हीरोज़ ऑफ हाईवेÓ ने टी1 प्राईमा ट्रक रेसिंग चैंपियनशिप 2017 के सीजऩ 4 के लिए 1000 से ज्यादा आवेदन आकर्षित किए। जगत सिंह (हरियाणा) और नागार्जुन (आंध्रप्रदेश) की सीजऩ 3 में बेहतरीन परफॉर्मेंस ट्रक रेसर प्रोग्राम की सफलता का प्रमाण है। श्री यूटी रामप्रसान, हेड-मार्केटिंग, कमर्शियल वेहिकल्स, टाटा मोटर्स ने कहा, ”टाटा मोटर्स पर हम टी1 प्राईमा ट्रक रेसिंग चैंपियनशिप के सीजऩ 4 में भारत तथा एफआईए की यूरोपियन ट्रक रेसिंग चैंपियनशिप (ईटीआरसी) से नए रेसर्स पेश करके काफी प्रसन्न हैं। देश में पहली बार ट्रक रेसिंग पेश करके इतिहास बनाने के बाद और इस स्पोर्ट में भारतीय ड्राईवर्स पेश करके आज हमें गर्व है कि हमारे साथ टी1 ही पहली महिला रेसर जर्मन स्टीफेनी हाल्म इस चैंपियनशिप के चौथे एडिशन में हिस्सा ले रही हैं, जो देश की सबसे व्यापक मोटरस्पोर्ट ईवेंट में से एक है। हम जल्द ही रेस के दिन, 19 मार्च के नजदीक पहुंच रहे हैं, इसलिए हम सभी ड्राईवर्स को शुभकामनाएं देते हैं।ÓÓ टाटा मोटर्स ने नया इंडियन ट्रक ड्राईवर रेस सलेक्शन एवं प्रशिक्षण प्रोग्राम पेश किया, जो कंपनी के सामरिक लक्ष्यों पर आधारित है :- ट्रक ड्राईविंग के व्यवसाय को महत्वाकांक्षी बनाना – पिछले कुछ सालों में उत्पन्न हुए आजीविका के विविध विकल्पों की वजह से कमर्शियल वाहन चलाने में कोई भी महत्वाकांक्षी चीज नहीं थी, क्योंकि उन्हें निरंतर कठोर परिस्थितियों में ड्राईव करते हुए समय पर डिलीवरी देने का दबाव बना रहता है। ट्रक रेसिंग के स्पोर्ट में ड्राईवर्स को संलग्र करने के लिए उत्प्रेरक के रूप में काम करना – भारत में प्रोफेशनल ट्रक रेसिंग का खेल न होने की वजह से ऐसे ड्राईवर्स उपलब्ध नहीं थे, जो रेस ट्रैक पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसलिए टीआरपी से इस कमी को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
The National News
442364 199249Does your internet site have a contact page? Im having trouble locating it but, Id like to send you an e-mail. Ive got some suggestions for your weblog you might be interested in hearing. Either way, wonderful blog and I appear forward to seeing it develop more than time. 179122