
नईदिल्ली, । सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई दिवाली बाद करेगा, जिसमें मुंबई में 14,000 करोड़ रुपये की तटीय सड़क परियोजना के लिए तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) की मंजूरी को रद्द कर दी गई थी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी।
बृहन्मुंबई नगर निगम की ओर से महाधिवक्ता तुषार मेहता ने अदालत से अनुरोध किया कि वह मुंबई में रुकी हुई तटीय सड़क परियोजना को फिर से शुरू करने के लिए एक अंतरिम आदेश पारित करे। मगर पीठ ने बम्बई उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
बम्बई उच्च न्यायालय ने तटीय सड़क परियोजना पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में गंभीर खामी और उचित वैज्ञानिक अध्ययन की कमी का हवाला देते हुए एक पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआईए) अधिसूचना के तहत परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी पर जोर देते हुए काम बंद करा दिया था।
उच्च न्यायालय ने इस बात पर भी गौर किया कि परियोजना को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत भी मंजूरी की आवश्यकता है। इस परियोजना को हालांकि पहले ही पर्यावरण और वन मंत्रालय से सीआरजेड मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना का निर्माण बृहन्मुंबई नगर निगम द्वारा किया जा रहा है, जिसमें लार्सन एंड टुब्रो जैसी निजी कंपनी भी शामिल है।
The National News
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