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09/10/2026

नईदिल्ली । सरकार की कुल देनदारियां जून 2020 के अंत तक बढ़कर 101.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गयीं। यह देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप के छह गुना से भी अधिक है। रिलायंस का बाजार पूंजीकरण हाल में 16 लाख करोड़ रुपये था। इससे पहले मार्च 2020 अंत में सरकार का कुल कर्ज 94.6 लाख करोड़ रुपये था। सार्वजनिक ऋण पर जारी नवीनतम रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। साल भर पहले यानी जून 2019 के अंत में सरकार का कुल कर्ज 88.18 लाख करोड़ रुपये था। सार्वजनिक ऋण प्रबंधन की शुक्रवार को जारी त्रैमासिक रिपोर्ट के अनुसार, जून 2020 के अंत में सरकार के कुल बकाए में सार्वजनिक ऋण का हिस्सा 91.1 प्रतिशत था।
रिपोर्ट में यह कहा गया कि बकाया दिनांकित प्रतिभूतियों के लगभग 28.6 प्रतिशत की परिपच्ता की शेष अवधि पांच साल से कम समय रह गई है। आलोच्य अवधि तक इसमें वाणिज्यिक बैंकों की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत और बीमा कंपनियों की हिस्सेदारी 26.2 प्रतिशत थी। केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान 3,46,000 करोड़ रुपये की दिनांकित प्रतिभूतियां जारी कीं, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 2,21,000 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियां जारी की गई थी।
वहीं सार्वजनिक ऋण प्रबंधन प्रकोष्ठ (पीडीएमसी) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में नए इश्यू की औसत भारित परिपच्ता 16.87 वर्ष थी, जो अब कम होकर 14.61 वर्ष पर आ गई। वहीं केंद्र सरकार ने अप्रैल-जून 2020 के दौरान नकद प्रबंधन बिल जारी कर 80,000 करोड़ रुपये जुटाए।
The National News