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प्रदेश में स्थित उत्कृष्ट पॉलीटेक्निक/सर्वश्रेष्ठ कार्मिक/सर्वश्रेष्ठ छात्र-छात्राओं का प्रतिभा अंलकरण समारोह

देहरादून । आई0आर0डी0टी0 आडिटोरियम सर्वे चौक देहरादून में प्राविधिक शिक्षा विभाग का ‘‘द्वितीय प्रतिभा अलंकरण समारोह’’ बडे़ धूमधाम से आयोजित किया गया।
इस अवसर पर एन0सी0सी0 कैडेट द्वारा मुख्य अतिथि को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया गया। उत्तराखण्ड होमगार्ड के गठित 21 सदस्यीय होमगार्ड बैण्ड द्वारा संगीतमय धुन के साथ मुख्य अतिथि एवं अन्य उपस्थित गणमान्य अति विशिष्ट अतिथियों को शोभायात्रा के साथ मंच की ओर प्रस्थान किया गया। सभागार पुरस्कृत छात्रा छात्राओं, उनके अभिभावक एल्यूमनाई, विभागीय अधिकारीगण, आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों, विभाग के पूर्व निदेशक, अन्य अधिकारियों आदि से खचाखच भरा हुआ था, जिनके द्वारा मुख्य अतिथि, अति विशिष्ट अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों का उल्लासहपूर्वक तालियों से स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों द्वारा उपस्थित माननीयों को पौधा देकर उनका स्वागत किया गया।
प्रदेश में स्थापित 71 राजकीय एवं 01 सहायता प्राप्त तथा 89 निजी पॉलीटेक्निक संस्थाओं के वर्ष 2022 व 2023 के डिप्लोमा पाठ्यक्रमों (13 पाठ्यक्रम) मंे अध्ययनरत् 36 सर्वश्रेष्ठ छात्र-छात्राओं (प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले) को रू0 5100-00 का चैक तथा मैडल प्रदान करने के साथ ही प्रदेश में स्थापित 71 राजकीय पॉलीटेक्निकांे में आधारभूत ढांचा, शैक्षिक स्टाफ की मानकों के अनुसार उपलब्धता, इन पॉलीटेक्निक संस्थाओं में पठन-पाठन कार्य, को-करिकुलम गतिविधियों आदि को अच्छे ढंग से क्रियान्वित करने के आधार पर तीन सर्वश्रेष्ठ पॉलीटेक्निक एवं इन राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थाओं में कार्यरत विभिन्न श्रेणियों के 07 सर्वश्रेष्ठ शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर स्टाफ को पुरस्कृत करने के लिये तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा एक अनूठी पहल की गई है।
कार्यक्रम में पॉलीटेक्निक संस्थाओं के 04 भूतपूर्व छात्रों श्री शिवराज चौहान, श्री सुनील चौधरी, श्री राकेश डिमरी एवं श्री एस0सी0 थपलियाल को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि मा0 राज्यपाल उत्तराखण्ड ले0 जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह की गौरवमयी उपस्थिति में भव्य कार्यक्रम का आयोजन सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि मा0 राज्यपाल महोदय ने अपने उद्बोधन में कहा कि ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान भारत की आत्मा में है। आज का समय तकनीकी नवाचार, सृजन, इनोवेशन, आईडिया, परसेप्शन, पैशन के साथ तेज गति से आगे बढ़ने का है। उन्होंने कहा कि आपके पास कितने भी पैसे क्यों न हों, उससे ऊपर आपके विचार, विनिश्चय, धारणा का स्थान है। नये भारत के निर्माण के संकल्प के साथ पूरा देश आगे बढ़ रहा है। भारत अपने उत्कर्ष के अमृत काल में पदार्पण कर चुका है और विश्व की सबसे बड़ी युवा शक्ति के बल पर देश विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत, श्रेष्ठ भारत और विश्वगुरू भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होेंने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व मैन्यूफैक्चरिंग, प्रोडक्शन, सप्लाई, इंजीरियरिंग आदि क्षेत्रों में चीन का जो दबदबा था, जो वर्तमान केन्द्र सरकार की विनिवेश एवं अन्य प्रगतिशील नीतियों के कारण अब भारत उनमें अग्रणी भूमिका में है। आज नये भारत में हम स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, ‘मेक इन इंडिया’ ‘कौशल भारत मिशन’ जैसी योजनाओं के माध्यम से युवा शक्ति को कौशल सम्पन्न बनाने के लिए निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
आप हमारी वह युवा शक्ति हैं जिन्होने औद्योगिक उत्पादन में एक नयी क्रांति पैदा करनी है। आपको उत्तराखण्ड और भारत की प्रगति में योगदान देना है। कार्य संस्कृति में गुणवत्ता और समावेशी कौशल विकसित करने हैं। भारत के पॉलीटेक्निक संस्थान् एवं इंजीनियरिंग कॉलेज और टेक्निकल युनिवर्सिटी सहित अनेक स्तरों पर तकनीकी शिक्षा और प्रौद्योगिकी डेवेलेपमेंट को एक गति दे रहे हैं। इस पूरी प्रणाली में पॉलीटेक्निक संस्थानों का एक अहम रोल है, मैं तो कहूंगा कि ये पॉलीटेक्निक संस्थान इंजीनियरिंग की नींव हैं, यहाँ से निकले हुए छात्र उद्योगों में मशीनों के परिचालन और अनुरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमें इस बात की खुशी होनी चाहिए कि अन्य राज्यों की तुलना में हमारा प्रदेश युवाओं को तकनीकी शिक्षा के माध्यम से उन्हें रोजगारपरक शिक्षा देकर राष्ट्र एवं राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। देवभूमि उत्तराखण्ड प्रतिभाओं से भरा हुआ है। इसके कण-कण में देवी देवता विराजते हैं। आज की आवश्यकताओं के दृष्टिगत हमारे युवाओं को पॉलीटेक्निकों में तराशकर पारंगत कर भ्ंदकेवद ज्तंपदपदह देकर उच्च स्तरीय ई-लर्निंग, नवोन्मेषण, आधुनिक सुविधाओं और ढाँचागत विकास को आगे बढ़ाने के लिए सराहनीय कार्य किये गये हैं। भारत सरकार द्वारा संचालित अनेको योजनाओं का लाभ लेकर उत्तराखण्ड के युवा अपना उद्यम खडा कर सकते हैं और अन्य युवाओ को रोजगार दे सकते हैं। उन्होंने इंजीरियरिंग, प्रोडक्शन, मैन्यूफेक्चरिंग, पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में इसके लिए अपार सम्भावनाएं है और इसे टैक्नोलॉजी का हब बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व की 10 वीं बडी अर्थव्यवस्था के स्थान से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड के मा0 मुख्यमंत्री के अथक प्रयासों से उत्तराखण्ड में 56000 करोड़ रूपये निवेश की योजना है। इसका लाभ उत्तराखण्ड के युवाओं, उद्यमीयों, एल्यूमनाई को लेने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि ने बताया कि अभी कुछ दिन पूर्व पिथौरागढ में यशस्वी प्रधानमंत्री मा0 नरेन्द्र मोदी द्वारा कहा गया कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का होगा। इस दिशा में उत्तराखण्ड की युवाशक्ति को दृढसंकल्पित होकर अपनी सोच को बडा बनाना होगा बडे सपने देखने होंगे और उनको धैर्य के साथा पूरी ईमानदारी लगन और मेहनत से पूर्ण करने का प्रसास करना होगा। उन्होंने कहा कि  गुरू गोविन्द सिंह ने कहा है कि शुभ कार्य के लिए सोचना नहीं है। युवाओं को रोजगार सृजन करने वाला बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि मा0 मंत्री तकनीकी शिक्षा  सुबोध उनियाल द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि विभिन्न उद्योगों के संचालन में डिप्लोमा होल्डर का बहुत बडा योगदान है। ये सभी प्रयोगात्मक एवं सैद्धांतिक तकनीकी शिक्षा पाकर अपनी कौशलता से इस प्रकार परिपूर्ण हैं कि ये प्रत्येक उद्योगों के लिए रीड की हड्डी हैं। उनके द्वारा सभी गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं एवं शिक्षक, शिक्षणेत्तर कार्मिकों एवं प्रधानाचार्यों को ढ़ेर सारी बधाईयां एवं शुभकामनाएं दी गयी। मा0 मंत्री जी द्वारा पॉलीटेक्निक के एल्यूमनाई छात्रों जिनके द्वारा स्वयं के उद्योग स्थापित किये गये हैं वो युवाओं के लिए प्रेरणा का श्रोत हैं उनके द्वारा छात्रों से आह्वान किया गया कि वे रोजगार देने वाले बने ना कि रोजगार लेने वाले। उन्होनें कहा कि जो व्यक्ति इनोवेटिव नहीं होगा वो आगे नहीं बढ सकता है हर छात्र में क्षमता है जरूरत सही दिशा पर चलने और उचिव वातावरण की है। कालेज का शैक्षिक वातावरण क्वालिटी एजुकेशन देना होना चाहिए। उन्होने कहा छात्रों में महत्वाकांक्षा होना चाहिए तभी वह बड़े काम कर सकेंगे। मा0 मंत्री जी ने युवाओं का आह्वान किया कि हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ लडना होगा। भारत को विश्वशक्ति बनाने केे लिए भ्रष्टाचार से लडना जरूरी है। अपने जीवन का लक्ष्य तय करें, ईमानदारी और समर्पण के साथ जीवन में आगे बढें। हमें अपने माता पिता और शिक्षकों के सपने को पूरा करना है। उन्होंने युवाओं को ब्राण्ड एम्बेस्डर बनकर दूसरों के लिए प्रेरणाश्रोत बनने का आह्वान किया। उन्होंने विभाग को गत सत्र में 65 प्रतिशत डिप्लोमा छात्रों को विभिन्न क्षेत्र की प्रतिष्ठित कम्पनियों में प्लेसमेंट दिलाने के लिए बधाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शेष 35 प्रतिशत छात्र अपना रोजगार स्थापित करते हैं तो वह रोजगार देने वाले बनेंगे। यह एक अनूठा कदम होगा। विगत वर्षों में पॉलीटेक्निकों के सुदृढ़ीकरण हेतु तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा उद्योगों के अनुसार पॉलीटेक्निकों हेतु नयी साज-सज्जा, मशीनरी, स्मार्ट क्लासरूम, कम्प्यूटर आदि से लैबों का सुदृढ़ीकरण किया गया है। भारत सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विभिन्न पॉलीटेक्निकों हेतु लगभग 300 करोड़ की धनराशि दी गयी है, जो कि एक रिकार्ड है। समय के साथ साथ हमने नयी तकनीकी का उपयोग करते हुए डिजिटल क्रान्ति लायी है इस क्रम में नाबार्ड एवं एस0सी0एस0पी0 योजना के अन्तर्गत 25 करोड़ की लागत से 10 डिजिटल लाइब्रेरियों का निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से एस0ए0एस0 योजना के अन्तर्गत 20 करोड़ की लागत से 49 पॉलीटेक्निकों में डिजिटल लाइब्रेरी हेतु कार्यवाही गतिमान है। अति विशिष्ट अतिथि मा0 विधायक राजपुर रोड  खजानदास द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री एवं मा0 तकनीकी शिक्षा मंत्री जी ने जो एक नई दिशा प्रदान की है एवं नई तकनीकी लौ जलाई है, उससे प्रदेश के युवाओं में एक नई क्रान्ति आई है। विशिष्ट अतिथि सचिव तकनीकी शिक्षा रविनाथ रामन ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासन द्वारा स्टार्ट अप, एम0एस0एम0ई0, सर्विस सेक्टर आदि नीतियां बनाई गयी हैं, सभी युवा इसका लाभ जरूर उठा सकते हैं। अतिशीघ्र सरकार द्वारा इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जा रहा है। मुझे आशा है कि कई उद्यमी प्रदेश में नये उद्यम स्थापित करेंगे इससे यहां के युवाओं के रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। 2025 में उत्तराखण्ड के 25 साल पूर्ण होने पर विभाग द्वारा युवाओं के लिए वीर चन्द्र सिंह गढवाली व्यावसायिक शिक्षा मिशन संचालित किया जायेगा जिसमें उत्तराखण्ड के नव युवतियों को रोजगारपरक, कौशलता के विभिन्न सर्टिफिकेट कोर्सों में प्रवेश के अवसर मिलेंगे।उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को नई राह का मार्ग प्रशस्त करते हुए उनको रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की परिकल्पना को साकार करने एवं जनमानस के जीविकोपार्जन के स्तर को सुधारने के साथ-साथ प्रदेश की इकोनोमी को ठववेजनच करने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित डनसजपकपेबपचसपदंतल म्कनबंजपवद ंदक त्मेमंतबी प्उचतवअमउमदज पद ज्मबीदपबंस म्कनबंजपवद ;डम्त्प्ज्म्द्ध योजना के अंतर्गत कुल 09 इंजीनियरिग कालेज एवं 21 पॉलीटेक्निकों के प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किये गये हैं। योजना के अंर्तगत प्रति इंजीनियरिग कालेज ₹10.00 करोड़ तथा प्रति पॉलीटेक्निक ₹05.00 करोड़ की धनराशि 05 वर्षो के लिये प्राप्त होगी, जो कि उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार प्राप्त करने में वरदान सिद्ध होगी।

विशिष्ट अतिथि प्रो0 डॉ बी0आर0 गुर्जर निदेशक, एन0आई0टी0टी0टी0आर0 चण्डीगढ द्वारा इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा गया कि राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, चण्डीगढ़ द्वारा डिप्लोमा एजुकेशन हेतु महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। हम पॉलीटेक्निकों को तकनीकी रूप से सुदृढ़ीकरण करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। मेरा यह मानना है कि बिना डिप्लोमा एजुकेशन के सुदृढ़ीकरण के हम विभिन्न तकनीकी विधाओं में पूर्ण रूप से पारंगत नहीं हो सकते हैं। संस्थाओं द्वारा उत्तरी क्षेत्र के राज्यों के तकनीकी शिक्षा विभागों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया है।

उन्होंन कहा कि मैं भी मूल रूप से आई0आई0टी0 रूड़की उत्तराखण्ड से जुड़ा हूं। मेरा उत्तराखण्ड राज्य एवं यहां के तकनीकी शिक्षा विभाग से विशेष लगाव है। मेरी यही आशा है कि यहां के छात्र आगे आएं, यहां का स्टॉफ आगे बढे और हमारे संस्थान से जो भी योगदान हो वह आप लें तथा उत्तरी राज्यों में ही नहीं अपितु देश के विभिन्न राज्यों में कम्पीटीशन में सफल होकर रैंकिंग में आगे बढें़।

उन्होंने सभी पदक प्राप्त करने वाले छात्रों से आह्वान किया कि पदक प्राप्त करने से आपकी जिम्मेदारी और अधिक बढ गयी है और इस पदक के सम्मान को बनाये रखने के लिए आपकेा भविष्य में और अधिक बडा मुकाम हासिल करना है।

इस अवसर पर निदेशक प्राविधिक शिक्षा श्री आर0पी0 गुप्ता द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि डिप्लोमा एजुकेशन समग्र तकनीकी शिक्षा प्रणाली का एक प्रमुख हिस्सा है। वर्तमान में यह हमारे राष्ट्र एवं राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बेरोजगारी के इस युग में पॉलीटेक्निक से उत्तीर्ण प्रतिभाएं अपने रोजगार एवं स्वरोजगार दोनों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

हमारा दायित्व दूरस्थ स्थानों पर गुणवत्ता परक शिक्षा देना है इसी क्रम मे मा0 प्रधानमंत्री जी के डिजिटल इण्डिया के संकल्प को पूर्ण करने हेतु हम लोगों ने प्रत्येक जिले में ई लर्निंग सेंटर की स्थापना की है, जिससे छात्र छात्राओं के लिए मानव संसाधनों का आदान प्रदान ई प्लेटफार्म के माध्यम से किया जा रहा है।

निदेशक प्राविधिक शिक्षा द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि एनटीपीसी, टीएचडीसी, ओएनजीसी आदि सार्वजनिक उपक्रमों की आर्थिक सहायता से पॉलीटेक्निक संस्थाओं का निरन्तर सुदृढीकरण आदि कार्य किया जा रहा है।

विभाग द्वारा पढ़ाई के साथ साथ उनके चहंुमुखी विकास के लिए खेलकूद आदि की व्यवस्था की गयी है, इसी क्रम में शासन द्वारा राजकीय पॉलीटेक्निक देहरादून, काशीपुर, लोहाघाट एवं द्वाराहाट में मिनी स्टेडियम की स्थापना की गयी है, जिससे पॉलीटेक्निक के छात्रों को प्र्रतिभा निखारने का अवसर प्राप्त होगा।

निदेशक द्वारा हर्ष के साथ यह अवगत कराया गया कि प्रदेश के समस्त जनपदों एवं दूरस्थ स्थानों में पॉलीटैक्निक संस्थान स्थापित किये गये हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को गुणवत्तापरक तकनीकी शिक्षा प्रदान करने हेतु विभाग कटिबद्ध है।

कार्यक्रम के अन्त में अपर निदेशक प्राविधिक शिक्षा श्री देश राज द्वारा उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं अन्य गणमान्यों को अपने अमूल्य समय निकालकर कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए एवं छात्र छात्राओं का उत्साहवर्द्धन करने के लिए आभार प्रकट किया गया।

इस अवसर पर विभाग के पूर्व निदेशक श्री हरि सिंह, उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा परिषद् के सचिव डॉ0 राजेश उपाध्याय, परीक्षा नियंत्रक, डॉ0 मुकेश पाण्डेेेय, संयुक्त निदेशक प्राविधिक शिक्षा श्री नरेन्द्र कुमार, उपनिदेशक श्री एस0के0 वर्मा, श्री एम0के0 कन्याल, सहायक निदेशक श्री सचिन भारती, उपसचिव आई0आर0डी0टी0 श्री अभिषेक कुमार सिंह, सहायक सचिव श्री सचिन कुमार, एवं प्रदेश में स्थित विभिन्न पॉलीटेक्निक संस्थाओं के प्रधानाचार्य एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, अधिकारीगण, अन्य स्टॉफ, छात्र-छात्राएं तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेे।

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