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09/10/2026

सावित्री पुत्र वीर झुग्गीवाला द्वारा रचित-
Virendra Dev Gaur Chief Editor (NWN)
गगन झुक कर चूम रहा है
आज किसी का माथा रे
आओ मिलकर सुर में गाएं
आज उसी की गाथा रे।
गुजरात की पावन माटी
बापू की है माता रे
देवदूत अहिंसा के बन कर आए
दुनिया का मन यह गाता रे।
तना आसमान खड़ा है लेकर
जिसके सर पर छाता रे
आज़ाद भारत उसके गुण गाता
वह सरदार पटेल कहलाता रे।
माँ नर्मदा के आँचल में वह
अमर-गीत देश के गुनगुनाता रे
सैकड़ों रजवाड़ों की माला पिरो गया वह
चाणक्य का आधुनिक अवतार कहाता रे।
जम्मू कश्मीर अलगाव में धधक रहा है
ज़िहाद के शोले उगल रहा है
पटेल-पुरुषोत्तम की पहुँच से दूर रखा रे
देश ने नेहरु जी की लापरवाही का दंश चखा रे।
सरदार पटेल बन गए देश की एकता का नारा रे
मोदी जी ने दिया है उन्हें सम्मान बहुत प्यारा रे
इतनी ऊँची मूर्ति उनकी आसमान भी हारा रे
भारत माँ का लाल उठाए भाल खड़ा है न्यारा रे
जय माँ नर्मदा जय महान गुजरात जय-जय भारत देश महान हमारा रे।
(part 2 tomorrow in english) -इति
The National News