Breaking News
barish

ऋषिनगरी में खूब बरसे बदरा

barish

ऋषिकेश (संवाददाता)।  सोमवार को बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल कर रख दी। विभिन्न स्थानों पर जलभराव व कीचड़ होने से राहगीर उसमें फंसे। शहरवासियों ने घर से बाहर निकलना उचित नहीं समझा। हाईवे पर भी जलभराव से वाहनों की रफ्तार धीमी रही। उधर, बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। वैज्ञानिक बारिश को धान की फसल के लिये लाभकारी बता रहे हैं।सोमवार को झमाझम बारिश से शहर तालाब में तब्दील हो गया। बैराज तिराहे, पुरानी चुंगी, गंगानगर, प्रगतिविहार, मायाकुंड, चौदहबीघा, शीशमझाड़ी, चन्द्रभागा, ढालवाला में पानी की निकासी अवरूद्ध होने से सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। चौदहबीघा व ढालवाला क्षेत्र में कीचड़ व गहरे गड्ढे होने से वाहन उसमें फंसे। जिस कारण वाहनों का सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया। शहर की सड़कें तालाब बनने पर नगर निगम अधिकारियों की फोन की घंटियां घनघनाती रहीं। निगम प्रशासन ने कर्मचारी लगा चौक नालियां खोली। जबकि ढालवाला की सड़के कीचड़ में तब्दील होने के कारण लोगों ने दूसरे मार्गों से जाना उचित समझा। सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि बरसात में जलभराव की समस्या से निपटने को कर्मचारियों को लगाया गया है। जिन स्थानों पर जलभराव की समस्या है, वहां चोक नालियों की सफाई की जा रही है। मुनिकीरेती पालिका के ईओ ब्रदीप्रसाद भट्ट का कहना है कि कुछ इलाकों में जलभराव की समस्या आई। जहां कर्मचारियों ने बंद नालियां खोल बरसाती पानी की निकासी की। उधर, झमाझम बारिश से लोगों को तपा देने वाली गरमी से राहत मिली। खासकर धान की रोपाई कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे। श्यामपुर, रायवाला, भट्टोवाला, खदरी, चकजोगीवाला, छिददरवाला, साहबनगर आदि इलाके में धान की अच्छी पैदावर होती है। किसान हेम रणाकोटी ने बताया कि बारिश न होने से धान की रोपाई नहीं हो पा रही थी। बारिश होने पर धान की पौध रोपी गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ.एसके सिंह ने बताया कि बारिश से धान की पैदावार अच्छी होगी। इन दिनों ग्रामीण इलाके में धान की रोपाई की जा रही है। चोक नालियां खोलने को लगाये हैं दर्जनभर कर्मचारीनगर निगम ऋषिकेश ने शहर की चोक नालियां खोलने के लिये एक दर्जन कर्मचारी लगाये हैं। जिन्हें शहर के तीन भागों में बांटा गया है। शनिवार को भी कर्मचारी बंद नालियां खोलने में जुटे रहे। सफाई निरीक्षक अरविन्द डिमरी ने बताया कि पॉलीथिन के कारण नालियां चोक होती हैं। जबकि कुछ लोग नालियों में ही कूड़ा डाल देते हैं।

Check Also

राज्य लोक सेवा आयोग ने प्रथम चरण की परीक्षाओं का कैलेण्डर किया निर्धारित

देहरादून। उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग ने प्रथम चरण की परीक्षाओं का कैलेण्डर निर्धारित कर दिया …

Leave a Reply

Your email address will not be published.