Breaking News

देशभक्ति

bharat mata ki jai

आग देशभक्ति की
जिस मन में जलती है
स्वार्थ की चट्टानें उस मन में
मोम की तरह पिघलती हैं
सुख-दुख की आवाजाही
धूप-छाँव लगती है
अपने हित की बातें
भाप बनी उड़ती हैं
परहित चिन्तन में साँस चला करती हैं।
मन के मीलों फैले आँगन में
देश प्रेम की फुहार पड़ती हैं
कण-कण फूल बन खिलता है
सुगन्ध के झरने बहते हैं
पूरी धरा समा जाती है
जिसे भारत कहा करते हैं।
समय आ गया है
हम सब साथ हो लें
मन की धुली माटी में
प्रेम के बीज बो लें
आपा आप खो लें
पीढ़ी ऐसी निकले
पीढ़ियों के मन डोलें
रामकृष्ण के जीवन गीतों में
हर-हर महादेव बोलें
जगत-जननी ‘भारत-माता’ के बीते सुनहरे राग खोलें।

Virendra Dev Gaur (Veer Jhuggiwala)

Chief Editor (NWN)

Check Also

Waarom GetLucky Casino Nederland de voorkeur heeft van veel spelers

In dit artikel onderzoeken we de redenen waarom GetLucky Casino Nederland steeds populairder wordt onder …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *