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शाहीन बाग बम, तेजाब और गुलेल बम, तबलीगी थूक-पेशाब बम अब भीड़ बम

 

corona 321

हाँ, यही जिहाद है और यही मौलाना साद है

जिसे तुम मोदी विरोध कहकर पल्ला झाड़ लेते हो
वह दरअसल देश की अखंडता पर ताकतवर चोट है
यह सदाबहार जिहाद का पैदा किया हुआ गतिरोध है
कड़ी से कड़ी को जोड़ोगे तो माजरा समझ में आएगा
वर्ना हर बार की तरह मीडिया गच्चा खा जाएगा
मीडिया नहीं समझेगा तो आम आदमी क्या समझेगा
ऐसे में जिहाद का होंसला बुलन्द-दर-बुलन्द होगा
वोट के नशेड़ी-नेताओं का झूठा सेकुलरवाद अखंड होगा
कोई दिल्ली का बेटा होगा तो कोई मौलाना साद होगा
कोई ताहिर हुसैन होगा और कोई हैदराबादी-जिहादी होगा
कोई तमंचाबाज शाहरुख खान होगा तो कोई इरफान पठान होगा
किन्तु हर बार मेरे देश का ही भारी नुकसान होगा
नीच, लालची और कुर्सी की हवस वालों का मंसूबा तो कामयाब होगा
लेकिन देश के भविष्य का मुरझाया आफताब होगा
नापाक और देशद्रोही सोच को लेकर कहीं शाहीन बाग होगा
माननीय सुप्रीम कोर्ट भी हमारा इनके सामने अपने घुटनों पर होगा
फिर तेजाब बम और गुलेल-कांड का विस्फोट होगा
और फिर जिहादी तबलीगी जमात का फिदायीन अटैक होगा
जिसमें थूक बम, पेशाब बम, मल-बम और नंगई का बम होगा
हर हाल लेकिन इनका 72 हूरों के लिए जिहाद होगा
गाहे-बगाहे बान्द्रा सुन्नी जामा मस्जिद के सामने वाला भीड़-बम होगा
फिदायीन-कौम वाला भला कोरोना को जाया कैसे जाने देगा
वह देश के देशभक्त लोगों की नाक में दम करता रहेगा
लिच्चड़ और स्वार्थी हुक्मरानों का फायदा हरदम उठाता रहेगा
मोदी सरकार की कामयाबी को ये बे-दम करता रहेगा
यही इसकी सोच है ये जब चाहे भीड़-बम फोड़ देगा
फरेबी तर्कों का जब चाहे ये जख़ीरा खोल देगा
दिशाहीन टी वी डिबेटों में देश जमकर गुमराह होता रहेगा
हर हाल प्यारे मेरे भारत की रूह पर हमला होता रहेगा
सच समझने वाला बेचारा अन्दर ही अन्दर फूट-फूट कर रोता रहेगा
जिहाद का सदाबहार कारवाँ ऐसे ही आबाद आगे बढ़ता रहेगा।
धन्यवाद।                 सावित्री पुत्र वीर झुग्गीवाला, देहरादून

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