Breaking News
ramdevji

स्वदेशी की परवाज़ योग-आयुर्वेद की आवाज़ बाबा रामदेव

ramdevji

ज़र्रा था तू कल
आज ऐवरेस्ट है
नन्ही चिड़िया था तू कल
आज बाज़ है
साधु था तू कल
आज साधुवाद है
बैलगाड़ी के पालने में था तू कल
आज स्वदेशी की खुली परवाज़ है
भोजपत्रों पुस्तकों आश्रमों में बन्दी
योग-आयुर्वेद के असीम विज्ञान को तू
जन-जन के मन-मन तक खींच लाया
स्वदेशी की आत्मा को तू कर्मयोग से सींच लाया
स्वामी विवेकानन्द और स्वामी दयानन्द ने तुझ में ही विस्तार पाया
वशिष्ठ विश्वामित्र और दधीचि का युग खुशी के आँसू लाया
हे राम हे कृष्ण आप के तप-तेज शौर्य ने दिल गुदगुदाया
पिता राम निवास यादव
माता गुलाबो देवी
आप दोनों के चरणों के पुण्य प्रताप से हमारी माँ भारती ने यह कोहिनूर पाया।

                                                                   

                                                Virendra Dev Gaur

                                               Chief Editor(NWN)

 

                                    

Check Also

MostBet bilan shaxsiy performans tahlili

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *