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पिछली शताब्दी के नियम-कानूनों से भविष्य तय नहीं हो सकता:मोदी

-आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में बोले पीएम

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नई दिल्ली । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के 51वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश में आपकी जरूरतों को भविष्य की आवश्यकताओं को समझते हुए एक के बाद एक निर्णय लिए जा रहे हैं। पुराने नियम बदले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मेरी सोच है कि पिछली शताब्दी के नियम-कानूनों से अगली शताब्दी का भविष्य तय नहीं हो सकता है।
शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसके पहले मुझे आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी गुवाहाटी के दीक्षांत समारोह में जाने का अवसर मिला था। इन सभी जगहों पर मुझे ये समानता दिखी कि हर जगह कुछ न कुछ इनोवेटिव हो रहा है। आज भारत अपने युवाओं को आसान तरीके से व्यापार करने देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि ये युवा अपनी सोच से करोड़ों देशवासियों के जीवन में परिवर्तन ला सकें। पीएम मोदी ने कहा देश आपको व्यापार करने के आसान तरीके देगा बस आप देशवासियों की जिंदगी आसान बनाने का काम कीजिए। पीएम मोदी ने कहा पहली बार एग्रीकल्चर सेक्टर में इनोवेशन और नए स्टार्टअप के लिए इतनी संभावनाएं बनी हैं। पहली बार स्पेस सेक्टर में प्राइवेट इनवेस्टमेंट के रास्ते खुले हैं।
कोरोना से मिला सबक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कोरोना ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। यह भी सिखाया कि वैश्विकरण तो जरूरी है, लेकिन उसके साथ आत्मनिर्भरता भी होना किसी भी देश के लिए बेहद जरूरी है। आत्मनिर्भर अभियान हमारे युवाओं के लिए नए अवसरों के बारे में है ताकि वे अपने आविष्कारों को खुलकर सबके सामने ला सकें। पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नॉलॉजी की ज़रूरत और इसके प्रति भारतीयों में आस्था, यही आपके भविष्य को रोशनी दिखाती है। पीएम मोदी ने कहा कि पूरे देश में आपके लिए अपार संभावनाएं हैं, अपार चुनौतियां हैं जिसके समाधान आप दे सकते हैं।
आत्मनिर्भर भारत अभियान देगा नया मौका
प्रधानमंत्री ने कहा कि साल भर पहले किसी ने नहीं सोचा होगा कि महत्वपूर्ण बैठकें और बड़े-बड़े कार्यक्रम डिजिटल माध्यम से होंगे लेकिन अब इन सभी का स्वरूप बदल चुका है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता के लिए यह बहुत बड़ी ताकत है। कोरोना ने दुनिया को एक बात और सिखा दी है। वैश्वीकरण महत्वपूर्ण है लेकिन इसके साथ-साथ आत्मनिर्भरता भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान आज देश के नौजवानों को टेक्नोक्रेट्स को तकनीक की दुनिया को अनेक नए मौके देने का भी एक अहम अभियान है। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी ने सेवाओं की दुर्गम स्थानों पर पहुंच आसान की है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश को कम किया है। इस दीक्षांत समारोह में पीएचडी, एम टेक, मास्टर्स ऑफ डिजाइन, एमबीए और बीटेक के छात्रों सहित 2,000 से अधिक स्नातक छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। प्रधानमंत्री ने डिग्री प्राप्त कर रहे छात्रों से कहा कि देश आपको कारोबार करने की सुगमता देगा और आप देशवासियों को सुविधाजनक जीवन देने के लिए काम कीजिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कीजिए, कभी समझौता मत कीजिए और अपने नवोन्मेषी कार्यों को व्यापक स्तर पर कीजिए।
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