
नई टिहरी (संवाददाता)। देवप्रयाग ब्लॉक के पंचूर गांव में महिला मंगल दल ने वर्षा जल संग्रहरण के लिए अभियान चलाया। इस दौरान महिलाओं ने वर्षा जल संरक्षण की परंपरागत तकनीकों को अपनाकर गांव की खाल तालाबों की सफाई की। वर्षा जल को सीधे भूमि में समाने से बचाने के लिए विशेष तरह की गूल का निर्माण किया गया। जल संकट में बारिश का पानी काफी मददगार साबित होता है। इसके बावजूद बहुत कम क्षेत्रों में ही वर्षा जल बचाने के प्रयास किए जाते हैं। यहां पंचूर गांव के प्रधान रजनीश तिवाड़ी की पहल पर महिला मंगल दल द्वारा वर्षा जल संग्रहण के लिए परंपरागत तकनीकों को अपनाने के लिए अभियान चलाया गया। महिला मंगल दल अध्यक्ष राखी देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने वर्षाजल बचाने की पुरानी तकनीकों को अपनाते हुए गांव की चालखाल तालाबों की सफाई की। महिला मंगल दल अध्यक्ष राखी देवी ने कहा कि जलस्त्रोतों के लगातार सूखने से गांव वासियों को पर्याप्त जल नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण जनता पेयजल योजनाओं के भरोसे ही रहने को मजबूर बनी हुई है। जल संकट से बचने में वर्षा जल का संचयन मददगार हो सकता है। कहा कि जलसंकट की स्थिति में महिलाओं को ही सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्राम प्रधान रजनीश तिवाड़ी ने कहा कि कई गांव से पलायन जल विहीनता के कारण ही पलायन हुआ है। इसी को देखते हुए पंचूर गांव में बारिश का जल इकठ्ठा करने का सामूहिक प्रयास शुरू किया गया है। अभियान में उप प्रधान जोत सिंह बिष्ट, विक्रम कठैत, पंच कमलादेवी, ऊषा बिष्ट, हजारिया देवी, मंजू देवी, शाखा नेगी, मनीषा कठैत, सुशीला देवी, सरोजनी नेगी आदि थे।
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