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वनांचल के अनुसूचित जाति के लोगों की आजीविका बनेगा बेलमेटल शिल्प: रूद्रकुमार

-हस्तशिल्प विकास बोर्ड लगातार आयोजित कर रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम

रायपुर (जनसंपर्क विभाग)। ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रुद्रकुमार की संवेदनशील पहल पर बेलमेटल शिल्पकला अब वनांचल क्षेत्र के अनुसूचित जाति के लोगों की आजीविका का साधन बनेगा। उल्लेखनीय है कि ग्रामोद्योग विभाग के हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा ग्रामीण वनांचलों में लोगों को विभिन्न शिल्पकलाओं पर आधारित लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है और उन्हें घर पर ही रोजगार उपलब्ध करा रहा है। इसी कड़ी में हस्तशिल्प विकास बोर्ड जगदलपुर, जिला बस्तर द्वारा जगदलपुर विकासखण्ड अंतर्गत सिडमुड ग्राम में बेलमेटल शिल्पकला का 3 माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

हस्तशिल्प विकास बोर्ड जगदलपुर, जिला बस्तर के महाप्रबंधक श्री एल.एस. वट्टी ने बताया कि जगदलपुर विकासखण्ड अंतर्गत सिडमुड ग्राम में विभागीय योजना अंतर्गत तीन माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बेलमेटल शिल्पकला से जुड़े अनुसूचित जाति के 20 पुरुषों और महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 01 दिसंबर 2021 से 28 फरवरी 2022 तक आयोजित तीन माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को 1500 रुपए प्रति माह की दर से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए स्टेट अवार्डी प्रशिक्षक श्री भगतराम सोरी को प्रशिक्षक नियुक्त किया गया है। प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षणार्थियों की बेलमेटल शिल्पकला में निखार आएगा और वे वर्तमान बाजार और लोगों की मांग के अनुरूप अपने उत्पाद तैयार कर सकेंगे। इससे उन्हें रोजगार उपलब्ध होने के साथ ही अच्छी आमदनी भी मिलेगी। जिला बस्तर के महाप्रबंधक ने बताया कि शिल्पकारों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान तैयार किए गए शिल्पकला उत्पाद को हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा बाजार भी मुहैया कराया जाएगा।

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