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09/10/2026

पेइचिंग। चीन-पाकिस्तान ने साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नई अफगानिस्तान नीति पर भी करारा प्रहार किया है। बता दें कि ब्रिक्स सम्मेलन के घोषणापत्र में पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन की कड़ी निंदा की गई थी। चीन ने शुक्रवार को पाकिस्तान के आतंक विरोधी प्रयासों का समर्थन किया है। चीन का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का इस्लामाबाद पर आतंकियों को आश्रय देने के आरोप के बाद आया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, पाकिस्तान की जनता और सरकार ने आतंकवाद से लडऩे के लिए बड़ी कुर्बानी दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसे स्वीकार करना चाहिए। पाकिस्तान को इसका पूरा श्रेय जाता है। वांग और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ के बीच हुई बातचीत के बाद यह बयान सामने आया है। आसिफ की यह पहली चीन यात्रा है। अमेरिका के साथ पाकिस्तान के बिगड़ते संबंधों के बीच आसिफ की चीन यात्रा हुई है। चीन और पाकिस्तान ने इस बैठक में ट्रंप की नई अफगानिस्तान नीति पर भी प्रहार किया गया है। दोनों देशों ने तालिबान के साथ नए सिरे से बातचीत करने का आह्वान किया है, ताकि 16 साल से चला आ रहा संघर्ष का दौर खत्म हो जाए। आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान का यह साफ मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा अहम प्राथमिकता है और समस्या का शांतिपूर्वक समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा, हमारा साफ मानना है कि अफगानिस्तान समस्या का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए आपसी बातचीत जरूरी है। बता दें कि पाकिस्तान लगातार आतंक पर लचीला रवैया अपनाने के आरोपों से इनकार करता रहा है। इस्लामाबाद यूएस पर पाकिस्तान में मारे गए हजारों लोगों को इग्नोर करने का आरोप लगाता है। ( साभार )
The National News