चमोली (आरएनएस)। रबी की प्रमुख फसल गेहूॅ में पिछले साल पीला रतुआ रोग का आंशिक प्रकोप देखा गया था। इस वर्ष भी गेहूॅ की फसल में पीला रतुवा रोग फैलने के लिए अनुकूल मौसम बना हुआ है। यह जानकारी देते हुए मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि गेरूई (रस्ट) पीली, भूरी या काले रंग की होती है तथा फफूंदी के फोले पत्तियों पर देखे जा सकते है। विशेष रूप से गेहूॅ की बोई गई प्रजाति बीपीडब्लू 343, एचडी 2733, एचडी 2351 तथा डब्लूएच 711 इस रोग की ग्राही है, जिसमें विशेष निगरानी किये जाने की आवश्यकता है। मुख्य कृषि अधिकारी ने जिले के सभी कृषकों को गेहूॅ की फसल में निरन्तर निगरानी करने की सलाह दी है, ताकि गेहूॅ में पीला रतुवा रोग को फैलने से बचाया जा सके। उन्होंने गेहूॅ की फसल को इस रोग से बचाने के लिए गेहूॅ की खडी फसल वाले खेतों में खरपतवारों को नष्ट करने, अत्यधिक उर्वरकों व अत्यधिक सिंचाई न करने तथा रोग अवरोधी गेहूॅ की किस्मों को बोने की सलाह दी है। इस रोग के संक्रमण पाये जाने पर फफूदीनाशक प्रोपिकोनाजोल 25 ईसी के 10 एमएल को 10 लीटर पानी में घोल बनाकर या मैंकोजेब रसायन की 40 ग्राम मात्रा को 20 लीटर पानी में घोल कर प्रति नाली के हिसाब से फसल में छिड़काव करने तथा 10 से 12 दिन पश्चात पुन: छिडकाव करने को कहा है। बताया कि न्याय पंचायत प्रभारी/विकासखण्ड प्रभारी(कृषि) तथा कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी गोपेश्वर 01372-252243, कर्णप्रयाग 01363-244706, थराली 01363-271217 के दूरभाष नम्बरों पर जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा मुख्य कृषि अधिकारी चमोली के दूरभाष 01372-253912 पर भी सीधे संपर्क किया जा सकता है।
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